पाकिस्तान का मध्य पूर्व में खुद को एक शांति मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास भले ही सुर्खियाँ बटोर रहा हो, लेकिन यह स्थिरता की दिशा में कोई ठोस योगदान नहीं देता। बल्कि यह एक बड़ी सच्चाई को उजागर करता है: उच्च-स्तरीय भू-राजनीति में बिना विश्वसनीयता के कथित निष्पक्षता कोई संपत्ति नहीं—बल्कि एक बोझ होती है।
